Posts

Showing posts from June, 2026

मिलना जरूरी था

Image
novel को डिवाइडेड part wise में रखा गया है। Part 1 दक्षिण से उत्तर भारत आते हुए न जाने कितने प्राकृतिक भौगोलिक दृश्य बदल जाते हैं। रेल सरसराहट सुर में आगे बढ़ती जा रही है।  आइमा बोरियत से बचने के लिए खिड़कियों से बदलते दृश्य को अपने आंखों में समा रही थी। आइमा के पिता फिरोज को ये बात से डर था कि बिहार में ना जाने कैसे लोग मिलेंगे। चुकीं तबादलता कैंसिल हो नहीं सकता, कार्यालय में तो हाजिरी देनी ही होगी। सरकारी कर्मचारियों का यही डर बना रहता है कि कब, कहां और कौन ट्रांसफर हो जाए।  ये सब बाते सोच ही रहे थे कि आइमा अपने पिता के कंधे को  हिलाते हुए बोली -  कहा खो गए आप,  टीटी  सर आए है टिकट तो दिखाए। टीटी टिकट देखते ही बोला आपलोग बिहार जा रहे है,  हम भी बिहार से ही हैं, न जाने हम कब घर जाएंगे ? पता है आपको हम कई साल से यहीं काम करते है चेन्नई से हैदराबाद और हैदराबाद से चेन्नई। उत्सुकता से फिरोज बोले आप अपने परिवार के साथ ही रहते तो घर का याद क्यों आता है ? कौन बोला हम परिवार के साथ रहते है, हम तो अकेले रहते हैं।“ हम और अकेले” | फिरोज अभी भी नहीं समझ पाए, यह द...