They are not health workers, but health helpers.
"They are not health workers, but health helpers".
हाल ही में, मैं अस्पताल गया था, मेरे लौहपुरुष नाना जी का तबियत का मिज़ाज अस्थिर सा है। यहां, एक जीवन की कीमत को बहुत बारीकी से देखा जा सकता है। आजकल कई चर्चो या समाचार पत्रों से जानकारी मिलती है आत्महत्या जैसे घटनाओं के बारे में । यूं तो सिर्फ एक - दो कारण नहीं मालूम पड़ती है, जैसा मैंने समाजशास्त्र में पढ़ा था। परंतु अगर एक आत्महत्याकार अस्पतालों के जुझ रहे मरीजों को देख ले, मुझे ऐसा अनुभव प्रतीत होता है कि शायद वो अपने इस अनन्यिक कार्य करना छोड़ देंगे। मगर ये भी सिक्के के एक पहलू है, ऐसा कई बार भी देखा गया है कि लोग अस्पतालो में भी आत्महत्या की घटना हो जाती है। हालांकि मैं इसमें कुछ स्थिर थ्योरी बनाने में असफल रहा हूं।
बहरहाल, अस्पताल एक ऐसी संस्था है, जहां राजा-रंक, हिंदू-मुस्लिम, लड़का-लड़की, गोरा-काला आदि जैसे कई विभाजन जो समाज में बहुचर्चित रहते है, यहां देखने को नहीं मिलता है। इससे मेरे दिल को सुकून मिलती है। आमतौर पर ये देखने, बोलने या सुनने को मिलता है कि समाज में हमेशा पुरुष अपने परिवार का खयाल रखते है और महिला अपने घर के कामों में व्यस्त रहती है। आज एक महिला को देखा, शायद वो दिल्ली से नहीं थी , और फिर भी अपने दम पर अपने पति को दिल्ली aiims में भर्ती करवाई। ये तो सभी को पता ही होगा की दिल्ली aiims प्रचलित है यहां की बड़ी बड़ी लाइनों के लिए , फिर भी वो महिला काफी मसाकत के बाद वो कर पाई। यहां ऐसा भी देखने को मिला जहां एक पूंजीपति मरीज व्यक्ति का इलाज उसके परिवार होने के बावजूद उसके यहां घरेलु काम करने वाले कर्मचारी दिखाने को आए है।
चर्चाओं में आ रहे एक अत्यधिक दुखद घटना कोलकाता के एक अस्पताल में डॉक्टर के साथ हुए रेप सुनने को मिला। और, यहां पर एक मरीज को देखा जो कि दवा नहीं खा रही थी, और डॉक्टर उसे पूरे धैर्य के साथ बार बार उससे खिलाने की कोशिश कर रहा था। और ये दृश्य को देखकर ऐसा मुझे प्रतीत हो रहा था जैसे अगर उस मरीज का भाई या बहन होता तो वो एक थप्पड़ जड़ देता। लगातार ३६ घंटो तक डॉक्टर काम करने के बाद हमे ऐसा दर्दनाक घटना के बारे में सुनते है तो दिल सहम सा जाता है। चुकी हमारे देश में कठोर-क्रूर कानून नहीं है, पर ऐसे अपराधिक मामलों में क्रूर कानून होना ही चाहिए।
I don't believe in stratification but, doctors, soliders, farmers certainly to be highly respected because of their contribution towards society.

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